विधान पार्षद जीवन कुमार का शिक्षक हड़ताल को समर्थन | वादा खिलाफी कर रहे है नीतीश-तेजस्वी |

आरा। माध्यमिक शिक्षक संघ द्वारा लगातार चल रहे धरना को समर्थन देते हुए विधान पार्षद जीवन कुमार ने सरकार के वादाओ को याद कराते हुए उन्हे वादा खिलाफी के लिए जमकर लताड़ा। विधान पार्षद जीवन कुमार ने धरना मे शिक्षको को संबोधित करते हुए कहा कि लंबे समय से नियोजित शिक्षक व पुस्तकालयाध्यक्ष शिक्षकों की मांग रही है कि हमें राज्य कर्मी का मान्यता दी जाए। नीतीश कुमार चुनाव के दौरान ही कहा था कि हम नियोजित शिक्षकों को राज्य कर्मी का दर्जा देंगे और सुपर मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा था कि हम बिहार के 450000 शिक्षकों को चुनाव जीतने के बाद पहले कैबिनेट में ही राज्य कर्मी का दर्जा देंगे लेकिन चुनाव जीतने के बाद सुपर सीएम अपने वादा को भूल गए और वादा खिलाफी पर आ गए। बिहार की जनता और शिक्षक समाज नीतीश जी और तेजस्वी जी की वादाखिलाफी को देख रही है और यदि आपने शिक्षक समाज को राज्य कर्मी की मांग को नहीं मानी तो बिहार की जनता और शिक्षक समाज आपके ईट से ईट बजा देंगे।

 जीवन प्रसाद ने कहा कि पूरे भारत में हमने पहला मुख्यमंत्री देखा है जो झूठ के आधार पर सरकार चलाती है। हाल ही में मुख्यमंत्री ने कहा था कि बीपीएससी द्वारा आयोजित परीक्षा में सभी नियोजित शिक्षक भाग लेंगे और राज्य कर्मी का दर्जा पाएंगे। हाल ही में लाई गई बिहार अध्यापक नियमावली 2023 के बारे में कहा था कि हमें सभी घटक दलों से राय लेकर बीपीएससी परीक्षा का यह नियमावली लाया है लेकिन दूसरे दिन बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने उसका खंडन करते हुए कहा था कि माननीय मुख्यमंत्री जी इस पर कोई राय विचार किसी भी घटक दल से नहीं किया है। उन्होंने महागठबंधन दल के घटक दलों को चुनौती देते हुए कहा कि महागठबंधन दल के माले और अन्य घटक दलों के नेता शिक्षकों के मांग पर अपना समर्थन में बयान देते रहते हैं। यदि सही में राजनीति से ऊपर उठकर शिक्षकों के राज्य कर्मी की मांग में खड़े हैं तो हिम्मत कर मीडिया और जनता के सामने शिक्षकों के पक्ष में अपना समर्थन वापस ले।